
नोएडा एक्सटेंशन, सेक्टर-1 (बिसरख) क्षेत्र में सोमवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPCCB) की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अवैध RMC प्लांट को सील कर दिया। यह कार्रवाई पर्यावरणीय मानकों के उल्लंघन और बिना स्वीकृति संचालित किए जा रहे औद्योगिक गतिविधियों के खिलाफ की गई।

कौन-कौन से प्लांट सील हुए?JQC Concrete LLPSSB First Choice RMC Plantदोनों प्लांटों पर प्रदूषण नियंत्रण नियमों का अनुपालन न करने, धूल नियंत्रण उपायों की कमी, तथा अनुमोदन/अनापत्ति प्रमाणपत्र के अभाव में संचालन का आरोप पाया गया।
जाँच में क्या सामने आया?प्राधिकरण की संयुक्त टीम ने निरीक्षण के दौरान पाया कि:स्थल पर धूल नियंत्रण (Dust Suppression System) सक्रिय नहीं थाकच्चे माल के सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था मानकों के अनुरूप नहींवायु गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाली गतिविधियाँ जारी थींआवश्यक NOC या स्वीकृति दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे..
इन गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए दोनों प्लांटों को तत्काल प्रभाव से बंद कर सील कर दिया गया।प्राधिकरण सख्त — प्रदूषण पर ज़ीरो टॉलरेंसहाल के दिनों में क्षेत्र से प्रदूषण को लेकर लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं…इसके बाद प्रशासन ने जाँच अभियान तेज किया है। अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि:“पर्यावरण सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाली किसी भी इकाई को बक्शा नहीं जाएगा..”स्थानीय निवासियों को राहतसेक्टर-1, बिसरख व आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया.. निवासियों ने बताया कि इन प्लांटों से उठने वाली धूल और आवाज के कारण स्वास्थ्य व दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा था..आगे और कार्रवाई के संकेतप्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में अन्य अवैध या गैर-अनुपालन वाले उद्योगों की भी जांच जारी है। मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर और प्लांटों पर भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई हो सकती है..
